कोरोना में राजू श्रीवास्तव बने थे दो अनाथ बच्चियों का सहारा, निधन पर फूट-फूटकर रो पड़ी दोनों बहनें


कॉमेडी किंग के नाम से मशहूर राजू श्रीवास्तव जिन्होंने गजोधर भैया के नाम से करोड़ों दिलों में अपनी अलग ही पहचान बनाई आज उन्होंने अचानक 58 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। कॉमेडियन की निधन की खबर सामने के आने के बाद से ही लोगों के चेहरे पर उनके जाने के गम को देखा जा सकता है। राजू श्रीवास्तव अपने कॉमेडी के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं।

उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में भी खूब काम किया इतना ही नहीं उन्होंने कई जाने-माने टेलीविजन शो में भी अपनी दमदार कॉमेडी को दिखाया लाफ्टर चैलेंज से अपने करियर में बड़ा मुकाम हासिल करने वाले राजू श्रीवास्तव पिछले 40 दिनों से अस्पताल में भर्ती है उन्हें 10 अगस्त को अचानक अटैक आया जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिसके बाद से ही करोड़ों लोग लगातार उनके ठीक होने की दुआ मांग रहे थे।

कोरोना में मां बाप को खो दिया था

गोविंद नगर में रहने वाली खुशी और परी ने कोरोना में अपने माता-पिता को खो दिया था। बच्चियों को उनके रिश्तेदारों ने भी रखने से इंकार कर दिया था। मकान मालिक और केयरटेकर प्रेम पांडेय ने बच्चियों को सहारा दिया था। बच्चियों के अनाथ होने की खबर राजू के दोस्त अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री ज्ञानेश मिश्रा को लगी। ज्ञानेश मिश्रा बच्चियों के घर पहुंचे। ज्ञानेश मिश्रा ने बच्चियों के संबंध में अपने दोस्त हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव से बात की। राजू श्रीवास्तव ने बच्चियों को मुंबई स्थित आवास बुलाया था। खुशी और परी ने मुंबई स्थित आवास पर जाकर राजू श्रीवास्तव से मुलाकात की थी।

पहले जुमलों से गुदगुदाया था

खुशी और परी जब राजू श्रीवास्तव से मिलने मुंम्बई स्थित आवास पहुंची, तो राजू से लिपट कर रोने लगी थीं। राजू श्रीवास्तव ने बच्चियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हे भरोसा दिलाया कि हम सब आप के साथ हैं। इसके बाद राजू श्रीवास्तव ने बच्चियों को अपने जुमलों से हंसाना शुरू कर दिया था। राजू ने बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाने का वादा किया था। राजू मोबाइल फोन पर बात करके बच्चियों का हालचाल लिया करते थे। जब कभी भी कानपुर आना होता था, तो राजू बच्चियों से मिलने भी जाते थे।

राजू अंकल बुलाती थीं दोनों बच्चियां

खुशी और परी को जब जानकारी हुई कि राजू श्रीवास्तव ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। दोनों बच्चियां फूट-फूट कर रोने लगीं। खुशी का कहना है कि पहले मम्मी-पापा ने हमारा साथ छोड़ा दिया। अब राजू अंकल भी हमें छोड़कर चले गए। राजू अंकल हमें बहुत प्यार करते थे। फोन कर हमारी पढ़ाई और तबीयत के बारे में पूछते रहते थे। मैं और परी दोनों ही राजू अंकल को बहुत प्यार करते थे। हम लोग रोजाना पूजा-अर्चना कर उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते थे।